दो चूहे
दो शरारती चूहों की मज़ेदार दोस्ती की कविता
एक प्यारी कविता दोस्ती और साथ मिलकर रहने के बारे में।
दो चूहे थे यार पुराने,
साथ रहते थे सारे ज़माने,
मिलकर खाना ढूंढा करते,
मिलकर हंसना सीखा करते।
एक दिन दोनों बिछड़ गए थे,
ढूंढा उनको सब जगह थे,
फिर मिले तो खुशी मनाई,
साथ रहने की कसम खाई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दो चूहे किस उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त है?
यह कविता 2 से 7 साल के बच्चों के लिए आदर्श है, इसकी सरल भाषा और लयबद्ध शब्दों के कारण।
क्या इस कविता को सुना भी जा सकता है?
हां, इस पेज पर बिल्ट-इन नैरेटर है जो कविता को हिंदी में बोलकर सुनाता है।
क्या यह एक पारंपरिक कविता है?
हां, यह भारत की सबसे प्रिय और जानी-मानी बच्चों की कविताओं में से एक है, जो पीढ़ियों से सुनाई जाती रही है।